Feb 8, 2018
भोपाल। इस बार वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट गुरुवार को कैबिनेट में रखा जाएगा। और ऐसा माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष में मप्र सरकार का बजट दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का होगा। आगामी समय में होने वाली कैबिनेट बैठक में अगले वित्तीय वर्ष के बजट अनुमान पर चर्चा होगी। इससे पहले बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव के बीच बजट को लेकर चर्चा भी हुई।
बजट के अलावा कैबिनेट में मप्र राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के तहत अपेक्षित विवरण भी रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस बजट में छोटी योजनाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसमें आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों के लिए खासतौर पर नई योजनाओं को शामिल किया जा सकता है। हालांकि यह योजनाएं सरकार पर ज्यादा वित्तीय बोझ नहीं डालेंगी।
इसके साथ ही इन वर्गों के लिए स्वरोजगार की ऐसी नई योजनाएं आ सकती हैं, जिसमें सरकार थोड़ा पैसा देकर हितग्राही की आमदनी बढ़ा सकें। दूसरी तरफ चुनावी साल को देखते हुए ढाई से तीन हजार किमी सड़कों के निर्माण के लिए भी बड़ी राशि इस बजट में दी जा सकती है। वहीं मुख्यमंत्री अन्न्पूर्णा योजना को विस्तार देने और किसानों के ब्याज माफी की योजना को भी शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा स्व-सहायता समूहों को दस लाख रुपए की सीमा तक लोन लेने पर स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव भी आएगा।
10 से 15 फीसदी बढ़ेगा विभागों का बजट
गौरतलब है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए राज्य सरकार ने 1 लाख 85 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा था। उसके बाद कुल 15 हजार करोड़ से ज्यादा के दो सप्लीमेंट्री बजट आ चुके हैं। इससे इस वित्तीय वर्ष में ही सरकार का कुल बजट दो लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच गया है। सरकार के खर्चे बढ़ने और राजस्व संग्रहण कम होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल विभागों के बजट में सिर्फ 10 से 15 फीसदी बढ़ोतरी ही की जाएगी। इसमें नगरीय विकास, ग्रामीण विकास, कृषि, लोक निर्माण, स्कूल शिक्षा जैसे कुछ विभागों को ज्यादा बजट दिया जा सकता है।
मंत्रालय में लागू होगी ई-ऑफिस प्रणाली
मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आएगा। मंत्रालय में ई-फाइलिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे पेपरलैस व्यवस्था शुरू होगी। माना जा रहा है कि अगले महीने होने वाली कैबिनेट बैठक भी पेपरलैस होगी। मंत्रियों को टैबलेट पर सभी जानकारियां मिलेंगी।
इसके अलावा मंत्रालयीन अधिकारी, कर्मचारियों आवास के लिए भोपाल के पास ग्राम कानासैया की 16 हेक्टेयर जमीन के आवंटन का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आएगा। राज्य कर्मचारी आवास निगम के माध्यम से यह आवासीय प्रोजेक्ट्स बनाया जाएगा।
फजल मोहम्मद को मिलेगी संविदा नियुक्ति
सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव (कार्मिक) रहे फजल मोहम्मद को संविदा नियुक्ति भी दी जा सकती है। इसके लिए मप्र सिविल सेवा पदों पर संविदा नियुक्ति नियम के तहत मंत्रालय में राज्य प्रशासनिक सेवा या अन्य सेवा के लिए निर्धारित एक नियमित पद को संविदा पद घोषित किया जाएगा।








