Jan 24, 2026
इंदौर में दूषित पानी का कोहराम: बुजुर्ग की मौत पर शव रख चक्काजाम, परिवार का गुस्सा फूटा
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की समस्या ने एक और जिंदगी छीन ली है। बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद उनके परिजनों ने शनिवार को पुल पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिवार का सीधा आरोप है कि दूषित पानी के कारण उनकी मौत हुई, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। प्रदर्शन में भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जोरदार नारेबाजी हुई। कांग्रेस नेताओं ने भी परिवार का साथ दिया। डेढ़ घंटे बाद एसडीएम के आश्वासन पर जाम खुला। क्षेत्र में अब तक इस संकट से 27 मौतें हो चुकी हैं।
परिवार का दर्द और आक्रोश
बद्री प्रसाद की मौत को एक दिन बीत चुका था, लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा। परिवार बेहद गरीब है और अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं हैं। परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई। दो महीने पहले उनकी बहू कंचन की भी मौत हो चुकी है, जिसे परिवार दूषित पानी से जोड़ता है। गुस्साए लोगों ने पुल पर शव रख चक्काजाम किया और पार्षद के खिलाफ नारे लगाए।
कांग्रेस का समर्थन और मांगें
घटना की सूचना मिलते ही नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे, पार्षद राजू भदौरिया सहित कांग्रेस के कई नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ धरना दिया और मांग की कि तत्काल आर्थिक सहायता मिले, मौतों की निष्पक्ष जांच हो और क्षेत्र में स्वच्छ पानी की स्थायी व्यवस्था की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन मौत के असली कारण को छुपाने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हंगामे बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ एसडीएम निधि वर्मा और एसीपी विनोद दीक्षित मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरे इलाके में स्वच्छ पेयजल की सप्लाई शुरू होगी। बद्री प्रसाद और कंचन की मौत के कारणों की रिपोर्ट सीएमएचओ से ली जाएगी और शासन स्तर पर आर्थिक मदद दी जाएगी। आश्वासन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ और शवयात्रा मालवा मिल मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई।
संकट की गहराई
भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 27 लोगों की जान जा चुकी है। कुल 450 से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिनमें से अब सिर्फ 10 बचे हैं—एक वेंटिलेटर पर, एक आईसीयू में और बाकी स्थिर। क्षेत्र के 30% हिस्से में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है, लेकिन लोग इस्तेमाल नहीं कर रहे। शेष 70% में मुख्य पाइपलाइन का काम तेजी से चल रहा है। स्थिति नियंत्रण में आने लगी है, लेकिन लोगों का डर और गुस्सा अभी बरकरार है।







