Aug 1, 2022
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि प्रदेश में दो अगस्त से देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंहनगर में भारी बारिश हो सकती है। बता दें कि रविवार को प्रदेश के कई इलाको में मूसलाधार बारिश बारिश हुई। गूलरभोज में जहां 76.5, रुद्रपुर 43, लोहाघाट 46.5, नैनीताल 32, धनोल्टी 29, मुखेम 27.5, बाजपुर 26 एमएम बारिश हुई वहीं नई टिहरी और रानीचौरी में 19 एमएम बारिश हो चुकी है।
पहाड़ी इलाकों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो आने वाले दिनों में राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है। विभाग के मुताबिक देहरादून जिले में आज हल्की से मध्यम वर्षा/गर्जन के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।
नेशनल हाईवे समेत 274 सड़कें बंद
प्रदेश में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश के चलते सड़कों पर मलबा इकट्ठा हो गया है जिसकी वजह से एक नेशनल हाईवे के अलावा 274 सड़कें बंद हो गई हैं। जिसके बाद पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगह यात्री फंसे रहे। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पहली बार सड़कों को खोलने के काम में तीन सौ से अधिक मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। भारी बारिश के चलते श्रीनगर नेशनल हाईवे तोता घाटी में फिसलन और बोल्डर आने से बंद हो गया थी। एक रिपोर्ट की मानें तो, प्रदेश में एक नेशनल हाईवे, 16 स्टेट हाईवे, 9 मुख्य जिला मार्ग, 5 अन्य जिला मार्ग, 88 ग्रामीण सड़कें और 155 पीएमजीएसवाई की सड़कें अभी भी बंद हैं। सड़कों को सुचारू रूप से फिर से खोलने के लिए 305 से ज्यादा जेसीबी मशीनों को काम पर लगाया गया है।
बंद हुए प्रमुख राज्य मार्गों में सिल्क्यारा-बनगांव-चपरा सरोट, लंबगांव-घनसाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, गुप्तकाशी-चौमासी, रुद्रप्रयाग- पोखरी गोपेश्वर, थराली-वाण, कर्णप्रयाण-सोनला, गुल्लर-शिवपुरी, आदिबद्री-नौटी, उत्तरकाशी-तिलवाड़ा, कमद-अयारखाल मोटर मार्ग, बांसवाड़ा-मोहनखाल, मक्कू-भीरी आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।
पिथौरागढ़ में बादल फटने से मची तबाही
पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड और बादल फटने की वजह से तबाही मची हुई है। दो दिन पहले जहां भूस्खलन ने धारचूला में काफी नुकसान पहुंचाया था वहीं शनिवार को तहसील के तल्ला दायमा के सोबला क्षेत्र में बादल फटने से गंगा नदी उफान पर आ चुकी है।
जुलाई में हुई 404.4 एमएम बारिश
उत्तराखंड में अकेले जुलाई के महिने में 404.4 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य से तीन परसेंट से कम है। सर्वाधिक 888.4 एमएम बारिश के साथ जहां बागेश्वर पहले नंबर पर है, वहीं चमोली 87 फीसदी अधिक बारिश के साथ दूसरे नंबर पर है। हालांकि, चम्पावत में सामान्य से 60, नैनीताल में सामान्य से 36, ऊधमसिंह नगर में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस साल अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, पिथौरागढ़ जैसे कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है।








