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खराब मानसून के बीच शुरू हुई यमुनोत्री धाम की यात्रा, बारिश के चलते चमोली जिले की सड़कें हुई बंद

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Aug 3, 2022

उत्तराखंड में कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई है। भारी बारिश के चलते प्रदेशभर में सड़कों पर मलबा और बोल्डर आने से 14 स्टेट हाईवे समेत कुल 229 सड़कों को बंद कर दिया गया था। इसी बीच यह खबर आई है कि यमुनोत्री धाम की यात्रा को चौथे दिन शुरू कर दिया गया है। जबकि बड़कोट क्षेत्र में भारी बारिश अभी भी जारी है। वहीं गढ़वाल के साथ कुमाऊं के कुछ हिस्सों में बारिश लगातार हो रही है।

मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि ऊधमसिंह नगर, चंपावत, नैनीताल में अगले 24 घंटे में मूसलाधार बारिश हो सकती है। जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है।  बाकी जिलों में भी बादल गरजने से लेकर हल्की बारिश होने की संभावना है।

 
लैंडस्लाइड और बोल्डर आने से बंद हुई सड़कें
प्रदेश में भारी बारिश से हुए लैंडस्लाइड के चलते जहां 166 सड़कें बंद हैं। वहीं मंगलवार को 63 सड़कों को खोल दिया गया है। सड़कों से बोल्डर हटाने के लिए  इस काम में 200 से ज्यादा जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया गया था। लोक निर्माण विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को कुल 72 मार्ग बोल्डर के चलते ब्लॉक हो गए, जबकि 157 मार्ग पहले से अवरुद्ध थे। इस तरह से कुल 229 बंद सड़कों में से 63 मार्गों को मंगलवार को खोल दिया गया। बचे हुए ब्लॉक रास्तों में 12 राज्य मार्ग, 05 मुख्य जिला सड़के, 07 अन्य जिला सड़के, 77 ग्रामीण इलाकों से जोड़ने वाले मार्ग शामिल हैं।

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बारिश के चलते चमोली जिले की सड़कें हुई बंद
चमोली जिले में रुक-रुककर हो रही भारी बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की 40 सड़कें बंद पड़ी हैं। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पोखरी, नंदानगर, गैरसैंण, देवाल, थराली और दशोली ब्लाक के गांवों की अधिकांश सड़कें बंद हैं। कई निर्माणाधीन सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नंदानगर-धुर्मा-मोख मल्ला सड़क पिछले एक माह से बंद है। ग्रामीणों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इलाके के पंचायत सदस्य सोबन सिंह नेगी का कहना है कि सड़क बंद होने से ग्रामीणों को करीब आठ किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में रसोई गैस सिलिंडर भी ग्रामीण अपनी पीठ पर लादकर ले जा रहे हैं। वहीं पोखरी में उड़ा मांडा-रौता सड़क 24 जुलाई से बंद है।