Feb 25, 2023
महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया है. बैठक में महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम को लागू करने पर चर्चा करने का निर्देश दिया गया है. बता दें कि जुलाई 2022 तक घरेलू हिंसा के करीब 4.71 लाख मामले देश की अदालतों में लंबित हैं.
आपको बता दें कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए उचित कानूनी मदद और घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए शेल्टर होम के निर्माण की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसआर शाह और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने कहा कि घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत संरक्षण अधिकारी की तैनाती की जानी चाहिए. अदालत ने टिप्पणी की कि इस मामले में अब तक जो तस्वीर सामने आई है वह काफी धूमिल है।
पीठ ने कहा कि देश में लंबित मामलों की संख्या में से 500-600 मामले संरक्षण अधिकारी के हिस्से में आते हैं। ऐसे में अधिक संख्या में अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. कोर्ट ने निर्देश दिया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव घरेलू हिंसा के मुद्दे पर चर्चा के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों की बैठक बुलाएं. अदालत ने कहा कि मुख्य सचिवों की बैठक में वित्त, गृह और सामाजिक न्याय मंत्रालयों के सचिवों और राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय न्यायिक सेवा प्राधिकरण के मनोनीत अध्यक्षों को भी शामिल होना चाहिए। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट आठ हफ्ते बाद सुनवाई करेगा.








