देवास : नवरात्रि प्रारंभ होने से पहले मूर्तिकार माता की मूर्ति को दे रहे अंतिम रूप

देवास : नवरात्रि प्रारंभ होने से पहले मूर्तिकार माता की मूर्ति को दे रहे अंतिम रूप

सुरेश - शक्ति और साधना का महापर्व   शारदीय नवरात्रि कल से  प्रारंभ होने जा रहा है।  घटस्थापना  के साथ जगह-जगह पंडालों में मां दुर्गा, मां कालका की मूर्तियों की स्थापना होगी। देवास में कोलकाता से आए माता की मूर्ति बनाने वाले कलाकार माता की मूर्ति के अंतिम रूप दे रहे हैं।

कोलकाता से आते है मूर्तिकार

जैसा कि मूर्तिकारों का कहना है कि गंगा की मिट्टी से लाकर ही मूर्ति बनाते हैं। मूर्तियों बनाने में विशेष रूप से मिट्टी धान की घास बांस और सुतली का उपयोग होता है। मूर्तियां पूरी मिट्टी की होती हैं कलर भी अच्छी क्वालिटी का किया जाता है जिससे चेहरे पर चमक अच्छी होती है। जब पांडालो में मूर्ति विराजमान होती है लाइटों के सेट लगते हैं उससे मूर्ति और सुंदर लगती है। कोलकाता से आए कलाकार विशेष रूप से बंगाल की मूर्तियां का रूप देते हैं।

1962 से देवास में मूर्तियां बना रहे कलाकार

बता दें कि लगभग डेढ़ सौ से 200 मूर्तियां बनाई गई है। मूर्तियों की कीमत 5000 से शुरू होती है जो 50000 तक की कीमत है।देवास में बनी हुई मूर्तियां मध्य प्रदेश के कई शहरों में जाती हैं। कोलकाता के कलाकार 1962 से देवास में माता की मूर्तियां बना रहे हैं करीब 20 से 25 कलाकार कोलकाता एवं उसके आस-पास के गांव से आए हुए हैं। यह कलाकार माता की मूर्तियां हर रूप में बनाते हैं।  

अधिकतर माता की मूर्ति शेर पर बैठी हुई एवं शिव जी को जल चढ़ाती हुई मूर्ति भी देखने को मिली ।आज से ही मूर्तियों का जाने का सिलसिला शुरू हो गया ।कई भक्तों ने आज से ही माता की मूर्तियां अपने पांडालो की ओर ले जाते नजर आ रहे हैं।


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