Jun 28, 2017
रायपुर : एनसीईआरटी ने अपनी भारतीय भाषाओं का शिक्षण नाम की पुस्तिका में शिक्षाकर्मियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की हैं। पुस्तक में लिखा हैं कि शिक्षाकर्मियों ने तो इस पेशे को और नीचे गिरा दिया हैं। इस टिप्पणी से शिक्षाकर्मियों में काफी रोष हैं। शिक्षाकर्मी संघ ने इसे आपत्तिजनक और अपमानजनक बताते हुये प्रशिक्षण कार्यक्रम में जमकर हंगामा मचाया और प्रशिक्षण कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया हैं।
संवलियन की मांग पूरी न होनें से नाराज शिक्षाकर्मियों को सरकार ने अब और भी ज्यादा नाराज कर दिया हैं। एनसीईआरटी ने अपनी भारतीय भाषाओं का शिक्षण नाम की पुस्तिका में शिक्षाकर्मियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की हैं। पुस्तक में लिखा हैं कि शिक्षाकर्मियों ने तो इस पेशे को और नीचे गिरा दिया हैं। शिक्षकों को अपमानित करने वाले इस शब्द ने शिक्षाकर्मियों को आक्रोशित कर दिया हैं, नाराज शिक्षाकर्मियों ने सिब्बल पैलेस में चल रहें प्रशिक्षण का बहिष्कार कर हंगामा कर दिया। इस दौरान एनसीईआरटी के प्रशिक्षण अधिकारी दीपा दास से शिक्षाकर्मियों की जमकर बहस हुई। हंगामा बढ़ते देख अधिकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम से भाग गयी। संघ के अध्यक्ष विरेन्द्र दुबे ने कहा कि प्रदेश के शिक्षाकर्मी उच्च शिक्षित और प्रशिक्षित हैं। हम पिछले 22 वर्षों से सम्मान पाने के लिए संघर्ष कर रहें हैं, सरकार से लगातार मूल पद में संविलियन की मांग करते आ रहें हैं।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर में गिरावट आयी हैं, तो उसके लिए शिक्षा कर्मी नहीं सरकार और उसकी नीतियां ही सबसे बड़ी जिम्मेदार हैं। सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश में ऐसा आक्षेप लगा रही हैं। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षाकर्मियों के लिए एक प्रशिक्षण का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें उपस्थित शिक्षाकर्मियों को पुस्तिकें बांटी गयी थी। शिक्षाकर्मियों पर अपमानजनक टिप्पणी छापे जाने के मामले में माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव सुधीर अग्रवाल ने हाथ जोड़कर दीपा दास की तरफ से माफी मांगी हैं और प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारी दीपा दास के ऊपर कार्रवाई करते हुए दास को प्रशिक्षण कार्यक्रम से हटा दिया। माफी मांगे जाने के बाद भी शिक्षाकर्मियों में नाराजगी रही। उन्होंने प्रदेश भर में प्रशिक्षण पुस्तिका की कॉपी जलाने का ऐलान किया हैं। हालांकि माशिमं सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी बेहतर काम कर रहे हैं।








