Aug 2, 2022
रायसेन: भारत में जहां एक ओर इंसानों के अपराध करने पर अदालत उन्हें सजा देती है वहीं दूसरी ओर नागों की भी अदालत एमपी के रायसेन जिले में नागपंचमी के दिन लगती है। इस अदालत में कोई वकील और दलील जैसा तो कुछ नहीं होता। लेकिन नागों से सताए हुए लोगों को यहां बराबर न्याय मिलता है।
नागों की अदालत शेषनाग के मंदिर के सामने लगती है जो कि गैरतगंज तहसील के सिद्ध स्थान श्रीराम रसियाधाम सीहोरा खुर्द में है।
ऐसी मान्यता है कि इस अदालत में आने वाला कोई भी इंसान बिना न्याय के वापस नहीं जाता है।
रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील के सिद्ध क्षेत्र श्रीराम रसिया सीहोरा धाम खुर्द में नागपंचमी के अवसर पर नागों की अदालत लगती है। इस दौरान सर्पदंश से पीड़ित लोगों के शरीर में नागों की आत्मा प्रवेश करती हैं और उन्हें यह भी बताती हैं कि नाग ने उन्हें क्यों काटा था। मान्यता है कि ये लोग नागों द्वारा सताने के बाद सीहोरा दरबार में पहुंचते हैं, और अपनी समस्या रखते हैं। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
ग्राम सीहोरा खुर्द हनुमानजी और शिवजी के सिद्ध मंदिर के लिए संपूर्ण प्रदेश में जाना जाता है। सीहोरा में नागदेव का एक चबूतरा बना है, जहां हर वर्ष नागपंचमी के मौके पर नागों की अदालत लगती है। दोपहर दो बजे से ही इस आयोजन की तैयारियां होने लगती हैं। इस आयोजन में रायसेन जिले के सिलवानी, बरेली, उदयपुरा, सुल्तानपुर, औबेदुल्लागंज, बेगमगंज सहित भोपाल एवं सागर के लोग भी आते हैं।








