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दूषित जल संकट के बाद इंदौर नगर निगम में नया आयुक्त

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Jan 3, 2026

दूषित जल संकट के बाद इंदौर नगर निगम में नया आयुक्त

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई दर्जनों मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने प्रशासन को झकझोर दिया है। इस गंभीर लापरवाही के चलते राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम के प्रमुख अधिकारियों पर गाज गिराई है। अब शहर की कमान नए हाथों में सौंपी जा रही है, ताकि स्वच्छ जल आपूर्ति और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता मिल सके।

लापरवाही की भारी कीमत

भागीरथपुरा में नर्मदा जल पाइपलाइन में रिसाव के कारण सीवेज का पानी मिल गया, जिससे उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस हादसे में 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है। वहीं, 200 से ज्यादा मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें कई की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पाइपलाइन की पुरानी स्थिति और शिकायतों की अनदेखी को इस त्रासदी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

अधिकारियों पर सख्त एक्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर पूर्व नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को पद से हटा दिया गया और उन्हें मंत्रालय में संबद्ध किया गया। साथ ही, अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया तथा जल कार्य विभाग के प्रभारी अधीक्षण अभियंता संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया। सीएम ने स्पष्ट कहा कि जनता का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदेश भर के नगर निगमों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाने के आदेश भी जारी हुए हैं।

नई जिम्मेदारी की शुरुआत

इस संकट के बाद प्रशासनिक फेरबदल में इंदौर नगर निगम की कमान संभालने के लिए नए अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। शहर को फिर से स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं।

Report By:
Monika