Jan 24, 2026
पायलट की चेतावनी के बावजूद नहीं रुके CM मोहन यादव, दादा गुरु के दर्शन को लेकर दिखाया अडिग संकल्प
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी व्यस्तता और समय की पाबंदी को चुनौती देते हुए दादा गुरु के प्रति अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया। दावोस से लौटते ही वे सीधे नर्मदा तट पर सरस्वती घाट (जबलपुर) पहुंचे, जहां दादा गुरु के प्रकटोत्सव का भव्य आयोजन चल रहा था।
पायलट की चेतावनी को नजरअंदाज कर लिया दर्शन का फैसला
देर शाम पहुंचे मुख्यमंत्री को हेलीकॉप्टर पायलट ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय पर वापस नहीं लौटे तो अगले दिन दोपहर 2 बजे तक रुकना पड़ सकता है। मौसम, उड़ान नियम और व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद मुख्यमंत्री का दादा गुरु और नर्मदा परिक्रमावासियों के प्रति समर्पण इतना मजबूत था कि वे रुके नहीं। उन्होंने दादा गुरु का आशीर्वाद लिया और कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया।
विज्ञान की सीमाएं खत्म, शुरू होती है आस्था की जय-जयकार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "जहां विज्ञान की सीमाएं समाप्त होती हैं, वहां से धर्म की शुरुआत होती है और उसकी जय-जयकार होती है।" उन्होंने जोर दिया कि विज्ञान प्रकृति के नियम समझने का प्रयास भर है, लेकिन सच्चा आनंद, साहस और ऊर्जा ईश्वरीय कृपा से ही मिलता है। नर्मदा परिक्रमावासियों की बड़ी संख्या को उन्होंने मां नर्मदा और दादा गुरु की कृपा का जीवंत प्रमाण बताया।
जबलपुर से विशेष लगाव, भजन गाकर बनाया भक्तिमय माहौल
मुख्यमंत्री ने जबलपुर के साथ अपने गहरे लगाव का जिक्र किया और कहा कि मां नर्मदा की विशेष कृपा इस क्षेत्र पर बनी हुई है। संबोधन के अंत में उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर "गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, राधा रमण हरि गोपाल बोलो" भजन गाया। साथ ही "नर्मदा महारानी की जय", "बाबा महाकाल की जय" और "दादा गुरु भगवान की जय" के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्ति रस से भर गया।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, विधायक अशोक रोहाणी, रत्नेश सोनकर, राजकुमार पटेल सहित बड़ी संख्या में नर्मदा परिक्रमावासी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री का यह दौरा सनातन संस्कृति, आस्था और जन-समर्पण का बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।







