Aug 30, 2025
ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव-2025: मध्यप्रदेश में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, 3500 करोड़ से अधिक का निवेश
ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव ने मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान की है। यहां निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की इच्छा जताई, जो पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कॉन्क्लेव में 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को आवंटन पत्र दिए गए, जिससे 60 करोड़ का प्रत्यक्ष निवेश होगा। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने प्रदेश की नई नीति का जिक्र किया, जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन से प्रेरित है।
निवेशकों की रुचि और संभावनाएं
कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए बड़ी राशि लगाने की बात कही। सर्वेल लैंड डेवलपर्स 1000 करोड़, श्रुति इंफ्रास्ट्रक्चर 500 करोड़ और जोन बाय द पार्क 500 करोड़ जैसे बड़े निवेश प्रस्ताव आए। इससे होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व, जैसे मानसिंह किला और चौंसठ योगिनी मंदिर, पर्यटकों को आकर्षित करेगा। प्रदेश में वन्यजीवों की विविधता, जैसे टाइगर और चीता, भी पर्यटन को बढ़ावा देगी।
शिलान्यास और एमओयू से विकास की दिशा
आयोजन में स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत फूलबाग क्षेत्र के 17 करोड़ के विकास कार्य का शिलान्यास हुआ। राजा मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के लिए 58 करोड़ के कार्य भी शुरू किए गए। ग्वालियर किले के संरक्षण के लिए पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग और इंडिगो के बीच एमओयू हुआ, जिसमें 100 करोड़ का सीएसआर निवेश शामिल है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्राफ्टग्रूम का विमोचन किया गया, जो शिल्पकारों के उत्पादों को ऑनलाइन बेचने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों और मेहमानों के विचार
प्रसिद्ध अभिनेता पीयूष मिश्रा ने ग्वालियर को कलाकारों की जननी बताया और फिल्म नीति की सराहना की। नीमराना होटल्स के अमन नाथ ने मध्यप्रदेश को देश की नाभि कहा। फिक्की के प्रतिनिधि असद लालजी ने पर्यटन को आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना। मुख्यमंत्री ने कई निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की, जिसमें होटल चेन और पर्यटन कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे।
भविष्य की योजनाएं और प्रभाव
कॉन्क्लेव में 125 ट्रैवल ऑपरेटर और 500 हितधारकों ने भाग लिया, जिससे द्विपक्षीय संवाद हुआ। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क और यूनेस्को साइट्स पर्यटन की क्षमता दिखाते हैं। नई नीति के तहत 15-30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। इससे रोजगार बढ़ेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ग्वालियर को क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक का दर्जा मिला है, जो संगीत विरासत को आगे बढ़ाएगा। कुल मिलाकर, यह आयोजन मध्यप्रदेश को पर्यटन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।