Jan 15, 2026
मुख्यमंत्री मोहन यादव की आस्था और जनसंपर्क की अनोखी मिसाल: उज्जैन में बृहस्पति महादेव के किए दर्शन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में अपनी गहरी आस्था और जनता से जुड़ाव का जीवंत उदाहरण पेश किया। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उन्होंने प्राचीन बृहस्पति महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की और आम लोगों के साथ चाय पीकर सरलता का संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने निर्माणाधीन गीता भवन का जायजा लिया, जो प्रदेश में आध्यात्मिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आस्था से जुड़ी 40 वर्ष पुरानी परंपरा
गुरुवार सुबह अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ गोलामंडी स्थित बृहस्पति महादेव मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने करीब 20 मिनट तक विधि-विधान से अभिषेक और पूजन किया। उन्होंने बताया कि छात्र नेता से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक हर गुरुवार वे यहां दर्शन के लिए आते रहे हैं। मुख्यमंत्री पद पर यह उनका पहला बृहस्पतिवार दर्शन था, जिससे उनकी व्यक्तिगत आस्था की गहराई झलकती है।
मकर संक्रांति पर विशेष आशीर्वाद और सिंहस्थ की तैयारी
पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति पर सूर्य देव और बृहस्पति महादेव का आशीर्वाद मिलना सौभाग्यपूर्ण है। उन्होंने आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प दोहराया और बताया कि सभी विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं, जिससे उज्जैन वैश्विक स्तर पर और चमकेगा।
आमजन के साथ चाय पर गर्मागर्म संवाद
मंदिर दर्शन के बाद तेलीवाड़ा चौराहे पर एक पुरानी चाय की दुकान पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ चाय पी। उन्होंने दुकानदार और लोगों से खुलकर बातचीत की। जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “ये तो लेना ही होंगे।” यह क्षण उनकी सादगी और जनसंपर्क की मिसाल बन गया।
गीता भवन निर्माण का निरीक्षण और समयबद्ध लक्ष्य
इसके बाद मुख्यमंत्री ने शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के समीप निर्माणाधीन गीता भवन का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि यह जी प्लस टू संरचना में बन रहा है और अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह परियोजना गीता के ज्ञान को आमजन तक पहुंचाने में सहायक होगी।







