Jul 22, 2017
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन चाहता है कि भारत और चीन के बीच तनाव दूर करने के लिए सीधी बातचीत हो। पेंटागन के प्रवक्ता गैरी रोस ने कहा कि हम भारत और चीन को तनाव घटाने की खातिर सीधी बात करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इसमें कोई जोर जबरदस्ती नहीं होगी। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने भी पिछले सप्ताह इसी तरह के बयान दिए थे। पेंटागन ने यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पिछले कुछ सालों से चीन के लगभग सभी पड़ोसी देश चीन पर आरोप लगा रहे हैं कि वह सीमा विवादों के समाधान के लिए बल प्रयोग करने की रणनीति अपना रहा है।
सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में महीने भर से चल रहे भारत-चीन सीमा गतिरोध को भी चीन के बल प्रयोग की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। भारत ने चीन के ऐसे कदम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महीने के अंत में ब्रिक्स की बैठक में भाग लेने के लिए बीजिंग जाएंगे। इस दौरान डोभाल इस मामले पर चीनी के अपने समकक्ष के साथ बात कर सकते हैं। पेंटागन ने इस मामले में किसी का पक्ष लेने से इंकार कर दिया। उनसे यह पूछा गया कि क्या पेंटागन भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ने को लेकर चिंतित है? रोस ने कहा कि हम इस संबंध में और सूचना लेने के लिए आपसे भारत और चीन की सरकारों से बात करने को कहेंगे। हम भारत एवं चीन को तनाव कम घटाने की खातिर प्रत्यक्ष बात करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।








