Feb 26, 2024
नई दिल्ली : पीएम मोदी ने रविवार गुजरात मे देश के सबसे लंबे केबल आधारित पुल की सौगात दी. गुजरात में ओखा मुख्य भूमि और बेयट द्वारका को जोड़ने वाले लगभग 2.32 किमी सुदर्शन सेतु का उद्घाटन अपने हाथो से किया इस पूल के निर्माण में लगभग 980 करोड़ रुपए खर्च हुए है. यह करीब 2.5 किलोमीटर लंबा है और प्रतिष्ठित द्वारकाधीश मंदिर में आने वाले निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए बहुत महत्व रखता है.
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शहर से लगभग 30 किमी दूर
बेयट द्वारका ओखा बंदरगाह के पास एक द्वीप है, जो कि द्वारका शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यहीं पर भगवान श्री कृष्ण का एक प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर है।

सुदर्शन सेतु पुल की खास बातें
1. सुदर्शन सेतु में खास बात ये हैं कि यहां पर भगवद गीता के श्लोकों और दोनों तरफ भगवान कृष्ण की छवियों से एक फुटपाथ सजाया गया है.
2. सुदर्शन सेतु भारत का सबसे लंबा केबल-आधारित पुल है, जिसमें फुटपाथ के ऊपरी हिस्सों पर सौर पैनल लगाए गए हैं, जो एक मेगावाट बिजली पैदा करते हैं.
3. ब्रिज के निर्माण से पहले, तीर्थयात्रियों को बेयट, द्वारका में द्वारकाधीश मंदिर तक पहुंचने के लिए नाव परिवहन पर निर्भर रहना पड़ता था. अब तीथयात्रियों को इससे छुटकारा मिलेगा
4. ओखा-बेयट द्वारका सिग्नेचर ब्रिज अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा.
5. सुदर्शन सेतु से इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ने की भी उम्मीद है. क्योकिं ओखा मुख्य भूमि को बेयट द्वारका द्वीप से जोड़ा गया है.
6. द्वारका शहर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है सुदर्शन सेतु.
7. सुदर्शन सेतु की लंबाई लगभग 2.5 किमी है.
सुदर्शन ब्रिज के डिजाइन में मोर पंख
हालांकि अब 2.5 किलोमीटर लम्बे इस सुदर्शन ब्रिज से बेयट-द्वारका पहुंचना और भी आसान हो जायेगा। साथ ही इसे इस तरह से भी डिज़ाइन किया गया है, जिससे ये अब कृष्ण भक्ति के वाहक के तौर पर भी देखा जायेगा। खास बात ये भी है कि ब्रिज के पाइलॉन्स कृष्ण की मूर्ति के आकार के हैं। साथ ही उन पर बने मोर पंख दिन और रात दोनों समय श्रद्धालुओं को लुभाएंगे।
