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पंजाब के 'कैप्टन' बने चरणजीत सिंह चन्नी

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Sep 19, 2021

पंजाब के नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो चुका है। इस बार दलित चेहरा चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब की कमान मिली है। बीते रविवार को सुखजिंदर रंधावा रेस में शामिल थे लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी रेस में आगे निकल गए। अब सवाल यह है कि आखिर कांग्रेस ने नवजोत सिंह सिद्धू और सुखजिंदर रंधावा जैसे लोकप्रिय नेताओं को छोड़ चरणजीत सिंह चन्नी पर क्यों दांव लगाया है? तो आइए जानते हैं इसका जवाब।

दलित समुदाय से आते है चरणजीत सिंह चन्नी
सबसे पहला तो यह है कि चरणजीत सिंह चन्नी दलित चेहरा है- बता दें कि पंजाब के नए CM बनने जा रहे चरणजीत सिंह चन्नी दलित समुदाय से आते हैं। वहीं देश के मुद्दों पर उन्हें कम बोला देखा गया है, हालाँकि पंजाब की राजनीति में वह एक मुखर आवाज हैं। वहीं दलित हित के लिए तो उन्होंने कई मौकों पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ भी स्टैंड ले रखा है। इसी के चलते दलित वोटरों पर उनकी अच्छी-खासी पकड़ मानी जाती है। इस समय चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब सीट से विधायक हैं। वहीं अमरिंदर सिंह की सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री भी बनाया गया था और उन्हें तकनीकी शिक्षा मंत्री का पद सौंपा गया था। वहीं उस पद पर रहते हुए उनके कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए थे कि तब की कैप्टन सरकार के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हुई थी।

चरणजीत ने टॉस करके लोगों की पोस्टिंग का लिया था फैसला 
दरअसल साल 2018 में चरणजीत सिंह चन्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल रहा था और उस वीडियो में मंत्री सिक्का उछाल कर लोगों की पोस्टिंग करने का फैसला ले रहे थे। उस समय एक ही जगह जाने के लिए दो लोग लड़ रहे थे, ऐसे में चरणजीत ने टॉस कर उस पोस्टिंग का फैसला लिया था। उस समय उनका वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने अमरिंदर सरकार की काफी आलोचना की थी और चरणजीत चन्नी पर भी सवाल खड़े हो लिए थे।