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भारत के 75 वर्ष पर एसओएएस यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस लंदन में

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Aug 2, 2022

भारत के 75 वर्ष एक समीक्षा‘ विषय पर एसओएएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में आयोजित तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री का वर्चुअल सम्बोधन*

सीएम भूपेश बघेल ने कहा, विविधता में एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और उभरती हुई आर्थिक ताकत धर्म के नाम पर समाज का विभाजन चिंताजनक छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय और गांव स्वराज्य के सपने को कर रहा साकार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को देर शाम एसओएएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में आयोजित कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में वर्चुअल रूप जुड़े। यह कॉन्फ्रेंस भारत की आजादी के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में एसओएएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में एक अगस्त से 03 अगस्त तक भारत के 75 वर्ष एक समीक्षा विषय पर आयोजित है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज हमारे लोकतांत्रिक मूल्य पर खतरा मंड़रा रहा है। हम इन मूल्यों को बचाकर और आगे बढ़ाकर भारत की स्वतंत्रता को बचाए रखने में अपना योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद 75 वर्षों में हम एक देश की तरह कहां तक पहुंचे हैं। पूरे दो सौ वर्षों की ग़ुलामी के बाद हमें 15 अगस्त 1947 को जब भारत आज़ाद हुआ तब से अब तक की हमारी यात्रा पर विचार करना है. देखना है कि हमने क्या खोया और क्या पाया। उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक वैभव इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि वर्ष 1700 में दुनिया की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 24.4 प्रतिशत थी, जो ग़ुलामी के दौर में लगातार घटती रही और जब भारत आज़ाद हुआ तो यह हिस्सेदारी घटकर 4.2 प्रतिशत रह गई थी। यह बात और किसी ने नहीं अंग्रेज़ अर्थशास्त्री एंगेस मैडेसन ने अपनी किताब में लिखी है। औद्योगिक क्षेत्र में हमारी भागीदारी 25 प्रतिशत से घटकर सिर्फ़ दो प्रतिशत रह गई थी। हम सोने की चिड़िया कहलाते थे और जब आज़ाद हुए तो दाने-दाने को मोहताज हो चुके थे। ...लेकिन आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं...।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ के लोगों से वादा किया था कि हम महात्मा गांधी और पं. जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर चलते हुए यहां के लोगों के सपनों को साकार करेंगे। ग्राम स्वराज्य की कल्पना को धरातल पर उतारेंगे। एक ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे जिसमें हाशिये पर खड़े लोगों के साथ न्याय होगा। आज हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांव, गरीब, किसान, मजदूर के साथ समाज के हर तबके के बेहतरी के लिए काम कर रहें हैं....