Aug 1, 2022
जशपुर के बगीचा विकासखण्ड में पिछले 10 दिनों से केंद्र और राज्य की सभी योजनाएं ठप्प पड़ी हैं वहीं फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ पंचायत सचिवों ने मोर्चा खोल दिया है बगीचा जनपद पंचायत के 93 ग्राम पंचायत सचिवों ने बीते दस दिनों से कलम बंद हड़ताल पर चले गए हैं वहीं पंचायत सचिवों के हड़ताल पर जाने से पंचायत स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों के सभी कामों पर खासा असर पड़ा है सचिवों का कहना है कि जब तक फूड इंस्पेक्टर को हटाया नहीं जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा
जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड में पिछले 10 दिनों से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सारी योजनाएं ठप्प पड़ी है।बगीचा जनपद पंचायत के पंचायत सचिव बगीचा की फूड इंस्पेक्टर को हटाने की माँग को लेकर पिछले 10 दिनों से कलमबंद हड़ताल पर हैं।पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से ग्रामीण क्षेत्रो के सारे काम ठप्प पड़ गए हैं वहीं पंचायत सचिवों का कहना है की जब तक फूड इंस्पेक्टर को हटाया नहीं जाता वो धरना समाप्त नही करेंगे।
बगीचा जनपद पंचायत जशपुर जिले का सबसे बड़ा जनपद है।बगीचा के अंतर्गत 93 ग्राम पंचायत हैं और इन सभी ग्राम पंचायतो के सचिव जनपद पंचायत बगीचा के कैम्पस में 10 दिनों से कलमबंद हड़ताल पर बैठे हैं।पंचायत सचिवों का आरोप है की बगीचा की फूड इंस्पेक्टर चम्पाकली दिवाकर उनसे वैमनस्यता रखती हैं और बेवजह सचिवो पर गलत कार्रवाई कर रही हैं।सचिवो का आरोप है की फूड इंस्पेक्टर द्वारा उनसे दुर्व्यवहार भी किया जाता है और इन सब से नाराज होकर पंचायत सचिवों ने फूड इंस्पेक्टर चंपाकली दिवाकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सचिवो ने खाद्य निरीक्षक चंपाकली दिवाकर के खिलाफ लिखित शिकायत जिले के अधिकारियों से लेकर प्रदेश स्तर तक की लेकिन अब तक फूड इंस्पेक्टर को हटाया नही। गया है जिससे सचिवों में नाराजगी व्याप्त है और सचिव अपना आंदोलन भी वापिस लेने के मूड में नजर भी नही आ रहे हैं।ग्राम पंचायतों के आधार स्तम्भ पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से 93 ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप्प पड़ा है।पंचायतो में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित सारी योजनाएं ठप्प हो गई हैं और 93 ग्राम पंचायत में निवासरत 1 लाख 60 हजार की आबादी परेशान है।पंचायत सचिवों के हड़ताल में चले जाने से शासकीय कामकाज तो अटका है आम लोगो से जुड़ी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।वहीं जनपद पंचायत के सीईओ का कहना है कि पंचायत सचिवो के हड़ताल में जाने से काम ठप्प पड़ गया है।जिसकी जानकारी अधिकारियों को दे दी गई है।








