Jan 26, 2026
बिलासपुर में 23 साल बाद इतिहास: सीएम विष्णुदेव साय ने गणतंत्र दिवस पर फहराया तिरंगा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 77वें गणतंत्र दिवस पर एक ऐतिहासिक और भावनात्मक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहर के पुलिस परेड ग्राउंड पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह घटना पिछले 23 वर्षों के बाद पहली बार हुई, जब किसी मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य भूमिका निभाई।
एक लंबे अंतराल के बाद ऐतिहासिक ध्वजारोहण
बिलासपुर में अंतिम बार वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया था। 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा यह परंपरा फिर से शुरू करने से शहरवासियों में गर्व और उत्साह का अद्भुत संचार हुआ। इस कदम को क्षेत्र के बदलते विकासात्मक परिदृश्य की एक मजबूत सांकेतिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
शांति, विकास और संकल्प का दिन
मुख्यमंत्री साय ने ध्वजारोहण के बाद परेड का निरीक्षण किया और शासकीय विभागों की झांकियों को देखा। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए संविधान के प्रति निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया तथा स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को रंगीन बना दिया।
जनता की आवाज: नए छत्तीसगढ़ का उदय
इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद नागरिकों ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह दिन प्रदेश के परिवर्तन का प्रतीक है। उनका मानना है कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की छवि से आगे निकलकर शांति, रोजगार और शिक्षा के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस समारोह ने एक नए और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के प्रति सामूहिक संकल्प को और मजबूत किया।







