Jun 29, 2017
जबलपुर/सतना : नगर निगम में आयुक्त के पद पर रहते हुए रिश्वत माँगने के मामले में लोकायुक्त के हत्थे चढ़े सुरेन्द्र कथूरिया की मुश्किले बढ़ती ही जा रही हैं। जबलपुर कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने कहा हैं कि 4 साल तक इंदौर में रहने के बाद सुरेन्द्र कथूरिया का जबलपुर तबादला हुआ था, उस दौरान करीब तीन माह तक वो अस्थाई पद पर थे। उसके बाद करीब छह माह तक उन्हें ग्रामीण का अपर कलेक्टर नियुक्त किया गया था। इस दौरान उन्होंने अपर कलेक्टर ग्रामीण रहते हुये जो भी निर्णय दिये होंगें, उन तमाम निर्णयों की समीक्षा कर जाँच की जायेगी और अगर उनके निर्णय में किसी भी प्रकार से अनियमितता पायी जाती हैं तो इससे राज्य सरकार को अवगत करवाया जायेगा।








