Sep 20, 2021
भोपाल के अरेरा हिल्स थाना इलाके में 9वीं के छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिलने से आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। बताया गया कि छात्र ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले ड्यूटी जा रही अपनी मां को टिफिन पैक किया। इसके थोड़ी देर बाद मां की ही साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
9वीं के छात्र ने की आत्महत्या
अरेरा हिल्स थाना के एसआई सुरेश पांडे ने बताया कि मराठी मोहल्ला भीम नगर निवासी अरुण अहिरवार पुत्र सुरेश अहिरवार (14) जहांगीराबाद स्थित शासकीय विद्यालय में 9वीं का छात्र था। उसकी मां नीतू अहिरवार जेपी अस्पातल में नौकरी करती हैं। शनिवार को उनकी नाइट ड्यूटी थी। रात करीब आठ बजे वह ड्यटी के लिए निकल गईं। घर पर अरुण के साथ उसका छोटा भाई प्रांशु था।
जबकि बड़ा भाई गणेशजी की झांकी देखने चला गया था। रात करीब साढ़े आठ बजे प्रांशु ने देखा कि अरुण फंदे पर लटका है। उसने तुरंत ही पड़ोसियों को शोर मचाकर बुलाया। जब तक पड़ोसी पहुंचते काफी देर हो चुकी थी। अरुण के पिता अलग रहते हैं।
साढ़े पांच बजे स्कूल से आया
शनिवार को अरुण स्कूल गया था। वह साढ़े पांच बजे स्कूल से लौटा। इसके बाद वह घर के पास थोड़ी समय तक खेलता रहा। इस दौरान उसकी मां नीतू ड्यूटी के लिए तैयार हो रही थीं। तभी अरुण मां के पास पहुंचा। उसने मां के लिए टिफिन पैक किया। इसके बाद मां से बोला कि भैया गणेशजी की झांकी देखने जा रहा है। इसलिए हम और प्रांशु घर में रहेंगे। उसने मां से घर के दरवाजे में बाहर से ताला लगाकर जाने के लिए बोला। इस पर मां ने कहा कि रात में कोई काम पड़ जाएगा तो तुम परेशान होंगे। नीतू ड्यूटी पहुंची ही थीं कि बेटे की खबर आ गई।
पैरेंट्स मीटिंग में टीचर्स ने की थी तारीफ
अरुण की मां नीतू ने बताया कि दो दिन पहले पैरेंट्स मीटिंग हुई थी। जिसमें स्कूल के सभी टीचर ने अरुण को पढ़ने में बहुत अच्छा बताया था। नीतू ने बताया कि उसने कोई समस्या नहीं बताई। मोबाइल भी वह बहुत कम चलाता था। भाईयों से भी वह कभी लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था। मुझे कुछ नहीं समझ आ रहा कि उसने यह कदम किस वजह से उठा लिया।
कोलार में किशोरी ने फांसी लगाकर दी जान
इधर, भोपाल के कोलार इलाके में शनिवार दोपहर 16 साल की किशोरी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। फिलहाल, आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं हो सका है। एएसआई महेश मांझी ने बताया कि बोरदा पठार में रहने वाले राजमिस्त्री राजकुमार रैकवार 16 साल की बेटी पूर्णिमा रैकवार घरेलू कामकाज संभालती थी। राजकुमार ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वे अपनी पत्नी के साथ अपने-अपने काम पर चले गए। दोपहर में लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने खिड़की से झांककर देखा। पूर्णिमा फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पुलिस प्रेम-प्रसंग के एंगल से भी जांच कर रही है।








