Feb 24, 2023
नई दिल्ली। गौतम अडानी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट के ग्रहण को आज एक महीना हो गया है। इस एक महीने में अडानी ग्रुप अपने सबसे बुरे दौर से गुजरा है। दरअसल महीनेभर में उनके स्टाक्स में जो सुनामी आई उससे शेयरों की कीमत अब उतनी ही रह गई है, जितना रिपोर्ट में इसे ओवरवैल्यूड बताया गया था। हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट में कहा था कि शेयर बाजार में लिस्टेड अडानी की सात कंपनियों के शेयर 85 फीसदी तक ओवरवैल्यूड हैं। इसमें शेयरों में हेर-फेर से लेकर कर्ज से जुड़े 88 सवाल उठाए गए थे।
2017 में शुरू होने के बाद हिंडनबर्ग करीब 16 कंपनियों पर अपनी रिसर्च रिपोर्ट पेश कर चुकी है। उसने अडानी ग्रुप को लेकर दावा किया था कि इसकी शेयर बाजार में लिस्टेड 7 प्रमुख कंपनियां 85 फीसदी से अधिक ओवरवैल्यूज हैं। यानी जिस शेयर की कीमत 100 रुपये है, दरअसल उसका असली भाव महज 15 रुपये है।
आज आलम यह है कि अडानी के शेयर भी इस दौरान गिरते-गिरते उसी लेवल पर आ गए है, जैसा कि रिपोर्ट में दावा किया गया था। शुक्रवार को भी शेयर बाजार की शुरुआत के साथ ही इसमें फिर से लोअर सर्किट लग गया और इसका भाव गिरकर 486.50 रुपये पर पहुंच गया. बीते महीने 24 जनवरी को हिँडनबर्ग की रिपोर्ट पब्लिश होने से पहले इसका भाव 1916.80 रुपये था. कंपनी के शेयर में आई इस गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी एक लाख करोड़ के नीचे आ गया है.








