Feb 23, 2023
आज हम आपको जो रिपोर्ट दिखाने जा रहे हैं...उस रिपोर्ट को देखने के बाद आप भी हैरान हो जाएंगे कि आखिर किस तरह से देश में इन दिनों लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है...और लोग इन जालसाजों गिरोह के फंदे में फंसते भी जा रहे हैं...रिपोर्ट देखिए....और रहिए सावधान....
क्या होगा यदि आप इंटरनेट का उपयोग करते करते अपना अश्लील वीडिओ बनवा बैठें,सोचिये पला झपकते ही यदि आपका अकाउंट खाली हो जाये? आप सोचेंगे ये मेरे साथ नहीं होगा लेकिन गलत फहमी में न रहें इंटरनेट के मकडजाल में बड़े बड़े ज्ञानी ऐसे फंसे कि इससे जान छुडाना मुश्किल हो गया...अकेले भोपाल में सायबर ठगों ने एक साल के भीतर करीब 13 करोड़ रुपए की ठगी कर दी है..भोपाल सायबर क्राइम पुलिस के पास पहुंची 4100 शिकायतों की तकनीकी जांच हुई....तो पुलिस के हाथ एक नया सायबर फ्रॉड पैटर्न लग गया। इसी पैटर्न को समझते हैं इस खबर में साथ ही जानते हैं कैंसे आप अपनी अस्मत और किस्मत को सेफ रख सकते हैं|
साइबर वर्ल्ड में किन चीजों की...की जाती है चोरी…
साइबर क्राइम में अपराधी किस चीज करते हैं इस्तेमाल?
साइबर क्राइम से बचने के क्या है उपाय ....
साइबर बुलिंग या फिर हैरेसमेंट से कैसे निपटें ?
साइबर क्राइम ऐसी क्रिमिनल एक्टिविटी है जिसमें कंप्यूटर, नेटवर्क डिवाइस या नेटवर्क के जरिए ठगी की जाती है..... साइबर अपराधी इसके जरिए प्राइवेसी से लेकर पैसे तक उड़ा ले जाते हैं. डेटा हैकिंग, फिशिंग मेल, ओटीपी फ्रॉड और मोबाइल फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन जैसे तमाम अपराध हैं जिन्हें साइबर अपराधी अंजाम देते हैं. आपको जानकार हैरानी होगी कि भोपाल के बाशिंदों से राजस्थान, एनसीआर, दिल्ली, चेन्नई और उप्र में बैठे जालसाज ठगी कर रहे हैं.. ये ठगी ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम में फर्जी नाम-पते से लिए गए मोबाइल नंबरों के जरिए की जा रही है ... नंबर दूसरे राज्यों से लिए ही इसलिए गए हैं, ताकि पुलिस भ्रमित होती रहे। जब तक तकनीकी जांच में पुलिस जालसाजों का पता लगाती है, तब तक वो सिमकार्ड फेंक चुके होते हैं। ये सिर्फ भोपालियों के साथ होता है ऐसा नहीं देश में कहीं भी किसी को चूना लगाया जा सकता है|
कोरोना महामारी की वजह से कामकाज से लेकर रहन-सहन का तरीका तक बदल गया...इस दौर में डिजिटलाइजेशन को काफी बढ़ावा मिला...कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करने लगे .... बच्चों की पढ़ाई भी डिजिटली होने लगी ... ऑनलाइन शॉपिंग और बैंकिंग को पंख लग गए ... इन सबके चलते बच्चे, बुजुर्ग और छोटे-मोटे दुकानदार भी इंटरनेट से जुड़ गए... ऐसे में जानकारी के अभाव में साइबर क्राइम में भी तेजी आ गयी है .... हैकिंग, ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, स्पैम ईमेल, रैनसमवेयर, पोर्नोग्राफी बैंक जालसाजी, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, सोशल मीडिया सेक्सटॉर्शन फेक न्यूज़ और मॉर्फिंग जैसे अपराध पैर पसारते गये| इसके लिए साइबर एक्सपर्ट सामाजिक व्यवस्था और नासमझी को दोषी ठहराते हैं|
इंटरनेट की दुनिया पहले से ही ख़तरनाक थी, लेकिन 2020 में यह खतरा काफी बढ़ गया ... NCRB यानी नेशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो के मुताबिक- पिछले साल साइबर क्राइम में करीब 21 फीसदी का उछाल आया... महिलाओं के खिलाफ साइबर क्राइम 28 फीसदी तक बढ़ा... वहीं, बच्चों के मामले में वृद्धि की दर 281 फीसदी रही... इनमें बैंक जालसाजी, पहचान ब्लैकमेलिंग, फेक न्यूज और हैरेसमेंट साइबर बुलिंग जैसे अपराध शामिल हैं ....
साइबर क्राइम के साथ सबसे बड़ी दिक्कत है कि इसका सीधा असर दिलो - दिमाग पर होता है .... कई बार साइबर क्राइम का शिकार शख़्स आत्मघाती क़दम भी उठा लेता है... ऐसे में लोगों को समझना चाहिए कि वह अजनबियों से किसी तरह की निजी जानकारियां साझा न करें....... ताकि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर इस तरह की गलतियां न करे .... हम कुछ उपाय बता रहे हैं, जो आपके परिवार को साइबर हमले से सुरक्षित रखने में मददगार साबित हो सकते हैं :
ऐसे रहे सुरक्षित :
1 सभी डिवाइसों में मजबूत पासवर्ड लगाएं। वायरस से बचने के लिए एंटीवायरस और एंटी-स्पाइवेयर का भी इस्तेमाल करें ...
2. सॉफ्टवेयर को नियमित तौर पर अपडेट करते रहें
3. सॉफ्टवेयर विश्वसनीय साइटों से ही डाउनलोड करे...
4. पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने से बचे ...
5. ऐप्स को कम से कम परमिशन दें ...
हैकिंग और फिशिंग से बचने के लिए क्या करें ?
1. गुमनाम नंबर से आए प्राइज जीतने वाले मेसेज और ईमेल पर ग़लती से भी क्लिक न करें ..
2. सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें ...
3. बैंक डिटेल्स और ओटीपी जैसी जानकारियां किसी के साथ साझा न करें ...
4. ईकॉमर्स साइट का इस्तेमाल करते वक़्त रहें और जहां तक हो सके, कैश ऑन डिलिवरी का विकल्प चुनें ....
5. विडियो कॉल्स पर बात करते समय अधिक सावधानी बरतें ....
ऑनलाइन जालसाजी का शिकार होने पर क्या करें
1. अगर आपको लगता है कि आपके साथ बैंक फ्रॉड हुआ है, तो तुरंत बैंक की लोकल ब्रांच या फिर रिलेशनशिप मैनेजर से संपर्क करें ..
2. एटीएम कार्ड/क्रेडिट को ब्लॉक कर दें..
3. नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं ..
4. फ्रॉड की बात परिवार और दोस्तों से साझा करे ...
5. अगर मुद्दा महिला से जुड़ा है, तो नेशनल कमीशन फॉर विमेन के पास भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
साइबर बुलिंग या फिर हैरेसमेंट से कैसे निपटें
1. सोशल मीडिया पर प्राइवेसी सेटिंग को सख्त करें
2. अगर मामला बच्चे से जुड़ा है, तो पहले उसकी पूरी बात सुनकर ही किसी नतीजे पर पहुंचें।
3. अगर बच्चे को बुली करने वाला स्कूल का कोई साथी है, तो स्कूल प्रशासन से उसकी शिकायत करें
4. अगर बच्चे की सुरक्षा को कोई खतरा दिखे, तो पुलिस के पास जाने में तनिक भी न हिचकें।
5. घर का माहौल खुशनुमा रखें, ताकि परिवार के लोग साइबर बुलिंग या हैरेसमेंट जैसी चीज़ों के बारे में खुलकर बता सकें।
वर्चुअल वर्ल्ड अजनबियों से भरा रहता है ...ऐसे में प्राइवेसी लीक होने का डर हमेशा बना रहता है.. अब इंटरनेट की इस जोखिम भरी दुनिया में बच्चों और बुजुर्गों के आने से साइबर अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है ,,, देश में काफी कम यूजर्स हैं, जिन्हें साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी जैसे मसलों की जानकारी है ... इस बारे में जागरूक न होने का मतलब है, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होना|








