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भावांतर भुगतान योजना के अंर्तगत जल्द ही होगा रबी फसलों पंजीयन

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Feb 6, 2018

भोपाल : प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना में रबी सीजन 2017-18 की फसलों के लिये किसानों के पंजीयन का कार्य 3,500 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में 12 फरवरी से शुरू किया जा रहा है। पंजीयन का कार्य 12 मार्च तक चलेगा। प्रमुख सचिव किसान-कल्याण तथा कृषि विभाग डॉ. राजेश राजौरा ने पंजीयन की व्यवस्था के संबंध में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और प्रबंध संचालक राज्य कृषि विपणन बोर्ड को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये हैं। पंजीयन कार्य के लिये राजस्व विभाग और मण्डी समितियों के कर्मचारियों तथा पोर्टल पर अद्यतन जानकारी अपलोड करने के लिये अधीकृत कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिये जाने के संबंध में भी प्रमुख सचिव ने निर्देश जारी किये हैं। प्रदेश में रबी सीजन वर्ष 2017-18 में चना, सरसों, मसूर तथा प्याज के लिये गेहूँ एवं धान का ई-उपार्जन करने वाली सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में पंजीयन का कार्य किया जाएगा। खरीफ-2017 में शुरू की गई भावांतर भुगतान योजना प्रदेश में खरीफ के बाद सरकार रबी फसलों का भी भावांतर भुगतान करेगी। इसके लिए 12 फरवरी से किसानों का पंजीयन शुरू होगा। योजना के तहत चना, मसूर, सरसों और प्याज की फसल ली जाएगी। योजना का मसौदा गुरुवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जा सकता है। मध्यप्रदेश में किसानों को मण्डियों के भाव के उतार-चढ़ाव से होने वाली हानि से बचाने के लिये भावांतर भुगतान योजना खरीफ-2017 में प्रारंभ की गई। योजना के पहले चरण में एक लाख 28 हजार किसानों को 136 करोड़ 75 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है। योजना के दूसरे चरण में 704 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान पंजीकृत किसानों को किये जाने की कार्यवाही की गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना का मसौदा तैयार हो चुका है। फसलें अप्रैल से मंडियों में आना शुरू हो जाएंगी, इसलिए पंजीयन की प्रक्रिया 15 फरवरी से शुरू की जा रही है। इस योजना में रबी सीजन की प्रमुख फसल चना, सरसों, मसूर और प्याज की फसल आएगी। बताया जा रहा है कि उद्यानिकी विभाग प्याज का समर्थन मूल्य पिछली बार की तरह आठ रुपए ही रखेगा। किसानों को प्रति किलोग्राम अधिकतम चार रुपए का भावांतर देना प्रस्तावित किया जा रहा है।