Aug 31, 2021
नागौर के श्रीबालाजी में हुए सड़क हादसे में मंगलवार सुबह 12 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में कोहराम मच गया। घायलों को भर्ती किया गया। इन सभी के बीच अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पर इधर से उधर घूम रहा गोपाल बदहवास था।
राजस्थान के भीषण हादसे में बचने वाले की आपबीती
गोपाल ने बताया कि हम रात को सफर करके आये थे। सुबह हमने एक जगह आराम किया। वहां से निकले तो कुछ ही देर में सामने से ट्रक आ गया। मैं पीछे बैठा था, सोचा संतोष निकाल लेगा। अचानक जोर से टक्कर लगी। संतोष के किनारे वाला हिस्सा ट्रक के बीच में जा धंसा। मैं सबसे पीछे बैठा था। उछलकर बाहर आ गिरा। मेरे पास ही संतोष का बेटा सुमित भी था। हम दोनों बाहर गिर गए। उठा तो देखा कई लोग अंदर फंसे हुए थे। अचानक सब कुछ बदल गया। मैं लोगों को निकालने में लगा, लेकिन कोई बाहर निकला ही नहीं। मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही थी। कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। इसके बाद कुछ लोग आए। मेरे सिर से भी खून बह रहा था। एक-एक कर लाशें बाहर निकलती रही।
एक ही गांव से हैं, तीर्थ कर रहे थे
गोपाल ने बताया कि वो अक्सर इस तरफ आता रहता है। द्वारकाधीश, करणी माताजी, रामदेवरा आदि के दर्शन करवाता है। गांव वालों ने पिछले दिनों जाने की इच्छा जताई तो हम इन्हें ले आये। कल रामदेवरा के दर्शन कर लिए थे। अभी पुष्कर जा रहे थे। सुबह एक जगह आराम किया, फिर रवाना हुए। घायलों में अधिकांश सज्जनखेड़ा के हैं, कुछ सवारी उज्जैन से मिल गई थी। सभी लोग सज्जनखेड़ा के अलग-अलग परिवार से हैं।
ड्राइवर संतोष का इलाज जारी
गाड़ी के ड्राइवर संतोष के सिर व आंख के पास चोट आई है। उसके मुंह पर कई जगह कांच चुभ गए हैं। जिसे ट्रॉमा सेंटर के रेजिडेंट्स डॉक्टर्स ने निकाला। उधर, एक बच्ची सुमन की हालत गम्भीर है। वो बार-बार अपना ऑक्सीजन मास्क हटा रही है। पास के रोगी व उनके परिजन ही उसका ख्याल रख रहे हैं। ड्राइवर संतोष का बेटा सुमित महज 5 साल का है, वो ट्रॉमा सेंटर में अचेत पड़ा है। उसके पास एक महिला भी अचेत अवस्था में है। उधर, उज्जैन से कुछ लोग अस्पताल में लगातार संपर्क कर रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर के कर्मचारी लगातार उन्हें अपडेट दे रहे हैं।








