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ट्रंप का तानाशाही स्वीकार: दावोस में 'कभी-कभी डिक्टेटर की जरूरत' कहकर वैश्विक हलचल

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Jan 22, 2026

ट्रंप का तानाशाही स्वीकार: दावोस में 'कभी-कभी डिक्टेटर की जरूरत' कहकर वैश्विक हलचल

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान अपने नेतृत्व पर खुलकर बात की। उन्होंने खुद को तानाशाह बताते हुए कहा कि कभी-कभी ऐसे मजबूत फैसलों की जरूरत पड़ती है। इस बयान ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, खासकर जब ग्रीनलैंड और वेनेजुएला जैसे मुद्दों पर पहले से तनाव बढ़ा हुआ है। ट्रंप ने अपने फैसलों को कॉमन सेंस पर आधारित बताया, जो विचारधारा से ऊपर हैं। इसने सहयोगियों और आलोचकों में चिंता पैदा कर दी है।

ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

डब्ल्यूईएफ के संबोधन में ट्रंप ने अपनी आलोचनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें भयानक तानाशाह कहते हैं, लेकिन हां, मैं तानाशाह हूं और कभी-कभी आपको एक तानाशाह की जरूरत होती है।302163 यह बयान एक रिसेप्शन में बिजनेस लीडर्स के सामने आया, जहां उन्होंने अपने भाषण की तारीफ की। इसने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि उनका यह कथन मजाक नहीं, बल्कि व्यावहारिक सोच का हिस्सा है।

नेतृत्व शैली का बचाव

ट्रंप ने अपने फैसलों को विचारधारा से अलग बताया। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत निर्णय कॉमन सेंस पर आधारित हैं, न कि रूढ़िवादी या उदारवादी सोच पर।63ac91 दावोस में यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब अमेरिका की विदेश नीति पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप का मानना है कि मजबूत नेतृत्व से ही वैश्विक चुनौतियां सुलझ सकती हैं, जो पारंपरिक गठबंधनों से अलग है। इसने यूरोपीय नेताओं में असहजता पैदा की, जो सहयोग पर जोर देते हैं।

ग्रीनलैंड विवाद और वैश्विक तनाव

ट्रंप के बयान से पहले ग्रीनलैंड पर उनके रुख ने दुनिया में तनाव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि लोग सोचते हैं मैं बल प्रयोग करूंगा, लेकिन ऐसा नहीं है।453e62 डेनमार्क से ग्रीनलैंड खरीदने की बात ने यूरोपीय सहयोगियों को नाराज किया। ट्रंप ने दावोस में स्पष्ट किया कि उनका इरादा लंबी अवधि का है, बिना हिंसा के। फिर भी, यह बयान वेनेजुएला जैसे मुद्दों से जुड़कर अमेरिका की छवि पर सवाल उठा रहा है।

दुनिया की प्रतिक्रियाएं

ट्रंप के कथन ने वैश्विक नेताओं में बहस छेड़ दी। कुछ ने इसे मजाक बताया, जबकि अन्य ने अमेरिकी लोकतंत्र पर चिंता जताई।6d69da दावोस में मौजूद लीडर्स ने ट्रंप की स्पीच को पश्चिमी गठबंधन के लिए खतरा माना। सोशल प्लेटफॉर्म्स पर यह ट्रेंडिंग रहा, जहां यूजर्स ने इसे तानाशाही की ओर इशारा बताया। ट्रंप ने हालांकि जोर दिया कि उनके फैसले व्यावहारिक हैं, जो दुनिया को फायदा पहुंचाएंगे।

आगे की संभावनाएं

यह घटना वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति पर असर डाल सकती है। ट्रंप का रुख NATO और यूरोपीय देशों से रिश्तों को प्रभावित कर रहा है।222305 विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन वे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को जटिल बना रहे हैं। ट्रंप की टीम ने स्पष्ट किया कि यह कोई नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि व्यक्तिगत विचार है। फिर भी, दावोस 2026 को ट्रंप की इस टिप्पणी के लिए याद रखा जाएगा।

Report By:
Monika