Jan 24, 2023
समाजवादी पार्टी एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य रामचरितमानस पर अपने विवादित बयान को लेकर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उसके खिलाफ मंगलवार को लखनऊ के हजरतगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।
स्वामी प्रसाद के खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 298, 504, 505(2), 153ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ ऐशबाग के शिवेंद्र मिश्रा ने केस दर्ज कराया है।
स्वामी प्रसाद सपा सरकार के भोंपू
स्वामी प्रसाद के विवादित बयान को लेकर बीजेपी ने सपा पर हमला बोला है। सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य सपा सरकार के ढोलकिया हैं। स्वामी प्रसाद के बयान पर अखिलेश यादव को अपनी राय रखनी चाहिए। इस बयान से करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। अगर अखिलेश यादव स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से सहमत नहीं होते हैं तो उन्हें सपा से निष्कासित कर दिया जाएगा और अगर वे सहमत हैं तो स्वामी सपा में बने रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सपा शासन के दौरान ही राम भक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं। बिहार में जो काम लालू की पार्टी के नेता कर रहे हैं वही काम सपा के लोग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रामायण पर स्वामी प्रसाद का बयान उनका नहीं बल्कि अखिलेश यादव का है। उन्होंने कहा कि इस बयान से राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनसे इस पर अपनी राय रखने को कहा। यह बयान के समर्थन में है या विरोध में। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता के इस बयान से हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। रामायण से संबंधित ऐसी भाषा का कोई औचित्य नहीं है। इस तरह के बयानों से करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी ने विरोध क्यों नहीं किया?
'यह प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की साजिश'
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह सैप का इतिहास है। उनकी सरकार में राम भक्तों को जेल में डाला गया, राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं, सरयू को राम भक्तों के खून से लाल किया गया। उन्होंने कहा कि लालू यादव की पार्टी बिहार में जो कर रही है, वही काम यहां सपा कर रही है। उन्होंने कहा कि जानवरों के लिए रामचरितमानस वाले बयान पर अखिलेश यादव की चुप्पी सवाल खड़े करती है। अखिलेश खुद को राम का वंशज बताते हैं और फिर इस तरह के बयान देते हैं। यह प्रदेश का माहौल खराब करने की साजिश है।
स्वामी प्रसाद ने क्या कहा?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार को तुलसीदास की रामायण पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस रामायण में दलितों और पिछड़ों का अपमान किया गया है। मौर्य ने कहा कि अगर सरकार किताब पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती तो दलित समाज का अपमान करने वाले श्लोक, कंकोत्री और श्लोक हटा दें। उन्होंने कहा कि तुलसीदास रचित रामायण में कई स्थानों पर ऐसे शब्दों का प्रयोग हुआ है, जिससे दलित समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं।
'अंग्रेजों ने महिलाओं और शूद्रों को दिया शिक्षा का अधिकार'
उन्होंने कहा कि जब तुलसीदास ने रामायण लिखी तो कहा गया कि महिलाओं और शूद्रों को इसे पढ़ने का अधिकार नहीं देना चाहिए। ब्रिटिश सरकार ने महिलाओं और शूद्रों को पढ़ने-लिखने का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि लोगों की भावनाएं आहत न हों।