Jan 15, 2021
15 जनवरी को भारत में सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। बता दें करियप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ बने थे। आजादी के बाद सेना के पहले दो चीफ ब्रिटिश थे। करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस बुचर की जगह ली जिन्होंने 1 जनवरी 1948 से 15 जनवरी 1949 तक सेना के शीर्ष पद पर अपनी सेवाएं दीं। बुचर से पहले जनरल सर रॉबर्ट मैक्ग्रेगॉर मैक्डॉनाल्ड लोकहार्ट 15 अगस्त 1947 से 31 दिसंबर 1947 तक आर्मी चीफ रहे। भारत-पाक आजादी के वक्त करियप्पा को दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसे उन्होंने पूरी ईमानदारी से निभाया था। अप्रैल 1986 में उन्हें बेहतरीन सैन्य सेवाओं के लिए पंच-सितारा रैंक फील्ड मार्शल से सम्मानित किया गया। आज तक ये पंच-सितारा रैंक भारतीय सेनाओं में केवल तीन सैन्य अधिकारियों को मिली है- करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और मार्शल ऑफ इंडियन एयर फोर्स अर्जन सिंह।
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आर्मी डे पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत भी परेड में शामिल
15 जनवरी को आर्मी डे पर दिल्ली के परेड ग्राउंड पर आर्मी डे परेड का आयोजन होता है। आर्मी डे के तमाम कार्यक्रमों में से यह सबसे बड़ा आयोजन होता है। जनरल ऑफिसर कमांडिंग, हेडक्वार्टर दिल्ली की अगुवाई में परेड निकाली जाती है। आर्मी चीफ सलामी लेते हुए परेड का निरीक्षण करते हैं। ये परेड भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होती है। इस वर्ष तीनों सेनाओं के प्रमुखों के अलावा भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत भी परेड में शामिल होंगे।
परेड ग्राउंड का नाम करिप्पा
दिल्ली का परेड ग्राउंड राष्ट्रीय राजधानी के बड़े ग्राउंड्स में से एक है। सम्मान स्वरूप इस ग्राउंड का नाम करिप्पा कर दिया गया। हर वर्ष यहां आर्मी डे सेलिब्रेशन के अलावा कई बड़े कार्यक्रम होते हैं। आर्मी डे पर आर्मी चीफ बेहतरीन सेवाओं के लिए जवानों को सम्मानित करते हैं और उनकी हौसलाफजाई करते हैं।








